जीवन के भूले बिसरे तराने
लोग यूँही गुनगुनाते हैं
जीवन के भूले बिसरे तराने
लोग यूँही गुनगुनाते हैं
मौत आये या जिंदगी लूटे
लोग यूँही रहते हैं
जीवन के भूले बिसरे तराने
लोग यूँही गुनगुनाते हैं
सांसें चलती हैं
आंखें नम होती हैं पर डोर नहीं छूटती है.
जीवन के भूले बिसरे तराने
लोग यूँही गुनगुनाते हैं
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